नई दिल्ली। प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है। इसके लिए रणनीतिक तौर पर ट्रेनों के शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया गया है।
देश के विभिन्न रूटों से प्रयागराज की ओर जाने वाली लगभग दो दर्जन नियमित ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसके बदले में कम दूरी की अत्यधिक ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। रेलवे की ओर से आधिकारिक तौर पर बताया गया कि प्रयागराज में भीड़ में कमी आने या स्थिर होने तक यह शेड्यूल जारी रहेगा।
360 विशेष ट्रेनें चलाई गईं
रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया कि रेलवे का सारा जोर अभी कुंभ स्थल से भीड़ को निकालने पर है। इसके लिए मौनी अमावस्या के दिन 360 विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं।
भीड़ कम होने तक योजना के तहत ये ट्रेनें चलाई जाती रहेंगी। इसी योजना के तहत विभिन्न रूटों से प्रयागराज जाने वाली नियमित ट्रेनों को अगले दो-तीन दिनों तक स्थगित करते हुए कम दूरी की 170 से अधिक ट्रेनें चलाई गई हैं।
नियमित ट्रेनें हुईं रद्द
- ये सारी ट्रेनें अनारक्षित हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर सकें। रेलवे मंत्रालय में स्थित वॉर रूम से सारी ट्रेनों की निगरानी की जा रही है। प्रयागराज की ओर जाने वाली नियमित ट्रेनों के रद्द होने के बारे में उन्होंने बताया कि नियमित ट्रेनों के परिचालन से प्लेटफॉर्मों पर अन्य गाड़ियों का आवागमन थम जाएगा।
- इसलिए तय हुआ कि लंबी दूरी की ट्रेनों को रोककर छोटी रूट की गाड़ियां चलाई जाएं, ताकि उनके फेरे अधिक लग सकें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को निकाला जा सके। प्रयागराज क्षेत्र में खाली ट्रेनें भी भेजी जा रही हैं।
पीएम ने लिया हालात का अपडेट
प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ में हादसे की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कई बार फोन पर बात की। पहले एक घंटे में ही तीन बार फोन कर जानकारी ली और सुझाव भी दिए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखकर पीड़ित श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
सूत्रों के अनुसार, सुबह-सुबह ही पीएम ने योगी को फोन किया और दुर्घटना के कारण, श्रद्धालुओं की स्थिति सहित राहत एवं बचाव कार्य के संबंध में पूरा ब्योरा लिया। योगी ने उन्हें तब तक सामान्य हो चुके हालात के संबंध में बताया, लेकिन इसके बाद भी प्रधानमंत्री थोड़ी-थोड़ी देर में फोन कर अपडेट लेते रहे।
