गाजियाबाद में कोर्ट के आदेश पर एल्विश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जानिए पूरा मामला

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गाजियाबाद में थाना नंदग्राम में एल्विश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. पीएफए से जुड़े एक व्यक्ति ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी की पुलिस को दी शिकायतों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, उसके और उसके भाई को खतरा है सोशल मीडिया पर खुलेआम उनको धमकी दी जा रही है.

गाजियाबाद में पीएफए से जुड़े गौरव गुप्ता ने बताया कि उनके भाई सौरव गुप्ता ने एल्विश यादव के खिलाफ गुरुग्राम में मुकदमा दर्ज कराया था. गौरव गुप्ता खुद नोएडा में एल्विश यादव के खिलाफ संगीन धाराओं में हुए मुकदमे के वादी थे. गौरव गुप्ता के मुताबिक सौरव को लग रहा था उनकी रेकी की जा रही है. जहां वो रहते हैं उनकी सोसाइटी में कुछ अनवांटेड लोग घूम रहे हैं. सौरव को यह भी डर था कि सौरव को और उसके भाई गौरव को एल्विश यादव या उसके जानकार किसी झूठे मामले में फंसा सकते हैं. इसी कारण से उसने अपना फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया था. क्योंकि सोशल मीडिया पर लगातार धमकी मिल रही थी.

एल्विश आर्मी के नाम से लगातार मिल रही है धमकियां
कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में सौरव ने बताया है की एल्विश आर्मी के नाम से चल रहे अकाउंट से लगातार दोनों भाइयों को धमकी मिल रही है. उनको डर है कि कहीं उमेश पाल हत्याकांड की तरह या फिर सिद्धू मूसेवाला की तरह दोनों भाइयों पर कोई सुनियोजित हमला न हो जाए. प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि इस मामले में थाने में भी शिकायत दी गई थी लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. अब कोर्ट ने आदेश दिया है की धारा 173(4) BNSS के तहत स्वीकार किया जाता है. साथ ही नंदग्राम थाना अध्यक्ष को आदेशित किया जाता है कि आवेदन में तथ्यों के आधार पर समुचित व्यक्तियों के विरुद्ध समुचित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करें और विवेचना करें.

इस मामले में सौरव गुप्ता ने बताया की जब से नोएडा में सांप वाला मुकदमा दर्ज हुआ है, तभी से एल्विस और उसके जानकर मेरे और मेरे भाई के पीछे पड़ गए हैं. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए थाना नंदग्राम को आदेश दिया था कि वह इस मामले में मुकदमा दर्ज करें. डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद थाना नंदग्राम में मुकदमा संख्या 60 कायम की गया है. आईपीसी की धारा 506 के तहत एल्विस यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आगे की जांच की जा रही है.

और पढ़ें

  • Buzz4 Ai
  • Ai / Market My Stique Ai
  • Buzz Open / Ai Website / Ai Tool