भारत की धरती पर हाल ही में खो खो का वर्ल्ड कप खेला गया था. दिल्ली में खेले गए खो खो वर्ल्ड कप में भारत ने फैंस को दोहरी खुशखबरी दी थी. भारत की महिला और पुरुष दोनों ही खो खो टीम वर्ल्ड चैंपियन बनी थी.
लेकिन अब दोनों ही टीम के एक-एक खिलाड़ियों ने अपनी सरकार से मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि को ठुकरा दिया है. एमके गौतम, चैत्रा बी इन दोनों खो खो प्लेयर्स ने कर्नाटक सरकार के 5 लाख के नकद पुरस्कार को स्वीकार नहीं किया है. दोनों खिलाड़ी इस राशि से संतुष्ट नजर नहीं आए. इसके बाद गौतम ने कर्नाटक सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए. उन्होंने साथ ही महाराष्ट्र सरकार का हवाला दिया जिसने अपने खो खो खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की.
गौतम ने कर्नाटक सरकार पर लगाए भेदभाव के आरोप
एमके गौतम और चैत्रा बी खो खो वर्ल्ड कप जीतने वाली भारत की महिला-पुरुष खो खो टीम का हिस्सा रहे. दोनों कर्नाटक के रहने वाले हैं. दोनों ने अपने देश का मान बढ़ाने के साथ ही कर्नाटक का मान भी बढ़ाया. लेकिन जब सरकार ने नकद पुरस्कार के रूप में पांच लाख रुपये दिए तो वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी ने भेदभाव के आरोप लगा दिए. उन्होंने ये तक कह दिया कि इस पुरस्कार से उन्हें खो खो में बने रहने का प्रोत्साहन नहीं मिलेगा और न ही इससे लोगों को इस खेल में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेशन मिलेगा.
शनिवार को इस मामले को लेकर गौतम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ‘हम (चैत्रा बी और गौतम) दोपहर 2:30 बजे सीएम से मिले और बातचीत के दो मिनट बाद ही सीएम ने 5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा कर दी. उस समय हम उनके सामने इस प्रस्ताव को ठुकरा नहीं कर सकते थे, इसलिए बाद में हमने अपने अध्यक्ष से बात की और इसे स्वीकार ना करने का फैसला किया. अन्य राज्य 2 करोड़ रुपये और ए कैटेगरी की नौकरी देते हैं, तो कर्नाटक ऐसा क्यों नहीं करता?’
महाराष्ट्र सरकार ने की सरकारी नौकी और 2.25 करोड़ नकद इनाम की घोषणा
एक ओर जहां कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने अपने वर्ल्ड चैंपियंस खिलाड़ियों को सिर्फ 5 लाख रुपये के नकद इनाम के काबिल समझा तो वहीं महाराष्ट्र सरकार ने अपनी विजेता टीम के खिलाड़ियों को लेकर बड़ा ऐलान किया. महाराष्ट्र सरकार ने खो खो टीम का हिस्सा रहे राज्य के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के अलावा 2.25 करोड़ नकद इनाम देने की घोषणा भी की.
