बता दें कि पिछले हफ्ते ही 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी संन्यास दीक्षा ग्रहण कर किन्नर अखाड़े में शामिल हुई थीं और उन्हें अखाड़े ने महामंडलेश्वर की उपाधी दी थी। वहीं इस्तीफा देते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा कि, किन्नर अखाड़े में मुझे लेकर विवाद है। उसके चलते मैं इस्तीफा दे रही हूं। मैं 25 साल से साध्वी हूं और आगे भी रहूंगी। बता दें कि, बीते दिनों ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर काफी विरोध देखा गया था। महांकुभ में आए कई साधु-संतो ने इस बात का विरोध किया था।
अपने वीडियो में ममता ने कहा कि, ‘मैंने देखा कि मेरे महामंडलेश्वर होने से काफी लोगों को तकलीफ हो गई थी। चाहें वो शंकराचार्य हो कौन हो। कोई कहता है, एक शंकराचार्य ने कहा कि ये जो किन्नर अखाड़े हैं उनके बीच में ममता फंस गई। सब झगड़ रहे हैं एक-दूसरे से। मेरे गुरु तो काफी ऊंचे हैं और उनके सानिध्य में हमने 25 साल तप किया है।’
बात दें कि 24 जनवरी को किन्नर अखाड़े में जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी महेंद्रानंद गिरि, किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और अन्य किन्नर महामंडलेश्वरों की उपस्थिति में ममता कुलकर्णी सहित छह नए महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक किया गया था। ममता कुलकर्णी को नया नाम यमाई ममता नंद गिरि दिया गया था।
