मुंबई 13 फरवरी 2025.मुंबई में प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित प्रभाकर कारेकर का आज, 13 फरवरी, को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।गोवा में जन्मे प्रभाकर कारेकर ने मुंबई के शिवाजी पार्क स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।
संगीत जगत में उनका योगदान
- प्रशिक्षण एवं गुरु: पंडित प्रभाकर कारेकर ने पंडित सुरेश हल्दांकर, पंडित जितेंद्र अभिषेकीऔर पंडित सी.आर. व्यास जैसे दिग्गजों से संगीत की शिक्षा प्राप्त की थी।
- लोकप्रिय कृतियां: उन्हें ‘बोलवा विट्ठल पाहावा विट्ठल’ और ‘वक्रतुंड महाकाय’ जैसे प्रसिद्ध भजनों के लिए जाना जाता है।
- प्रसिद्ध मंच कलाकार: वे ऑल इंडिया रेडियो (AIR) और दूरदर्शन पर ग्रेडेड कलाकार के रूप में अपनी प्रस्तुतियां देते थे।
- सम्मान और पुरस्कार: अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें तानसेन पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और गोमंत विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उनके निधन से भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत को गहरी क्षति पहुंची है, और संगीत प्रेमियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
