चीन के वैज्ञानिकों ने एक नए तरह का चावल उपजाने में कामयाबी हासिल की है जो हृदय रोग के खतरे को कम कर देगा. चावल में एक खास तरह का एंटिऑक्सिडेंट Coenzyme Q10 (CoQ10) है जिसके नियमित सेवन से इंसान का हृदय लंबे समय तक स्वस्थ रहेगा.
Coenzyme Q10 हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता है लेकिन जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है यह कम होता जाता. यह एंटिऑक्सिडेंट ऊर्जा उत्पादन के क्रम में हमारी कोशिकाओं में इस्तेमाल होता है.
जिन लोगों को हृदय की बीमारी होती है, उनमें Coenzyme Q10 का स्तर कम देखा गया है. इस एंटिऑक्सिडेंट को हृदय रोगों में सप्लीमेंट की तरह लिया जाता है.
Coenzyme Q10 किन फूड्स में पाया जाता है?
Coenzyme Q10 प्राकृतिक रूप से मछली, मीट, नट्स में पाया जाता है. चावल, रोटी और ओट्स में Coenzyme का दूसरा प्रकार मौजूद होता है जिसे CoQ9 कहते हैं. हालांकि, यह शरीर के लिए उतना फायदेमंद नहीं होता जितना कि Coenzyme Q10 होता है.
हृदय रोगों से बचाएगा यह चावल
13 फरवरी को जर्नल सेल नामक पत्रिका में प्रकाशित शोध पत्र में चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज (CAS) ने कहा, ‘फसलों में CoQ10 का उत्पादन करना इंसानों की सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.’
शोधकर्ताओं ने हृदय रोगों से बचाने वाले चावल के उत्पादन के लिए सबसे पहले 67 अलग-अलग पौधों की प्रजातियों से 134 पौधों के नमूनों का अध्ययन किया. इस दौरान उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश की कि CoQ9 का अधिक उत्पादन करने वाले पौधों के जीन में किस तरह का बदलाव है. इस अध्ययन के बाद हासिल जानकारी से उन्होंने चावल और गेहूं के पौधों के जीन में बदलाव किया ताकि वो Coenzyme Q10 का अधिक उत्पादन करें.
सीएएस सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन मॉलिक्यूलर प्लांट साइंसेज (CEMPS) के शोधकर्ता और रिसर्च पेपर के सह-लेखक जू जिंगजिंग ने कहा, ‘जीन एडिटेड चावल या गेहूं में CoQ10 की मात्रा पौधों से मिलने वाले दूसरे खाद्यान्नों के बराबर ही है जैसे कि टमाटर में. हालांकि, इसमें मांस और मछली जितना CoQ10 नहीं होता. आने वाले समय में अन्य पौधों के जीन्स में भी बदलाव करने की कोशिश करेंगे.’
दुनिया भर में इस्तेमाल कुल कैलोरी का 50 प्रतिशत हिस्सा चावल, गेहूं और मक्का से आता है. बावजूद इसके, ये तीनों खाद्यान्न हमारी दैनिक जरूरत का CoQ10 नहीं दे पाते हैं. इंसान हर रोज 3-6 मिलीग्राम CoQ10 का सेवन करता है, हालांकि, 2022 में जर्नल ऑफ न्यूट्रिशनल साइंस में प्रकाशित एक शोध में कई कहा गया है कि इंसानी शरीर को रोजाना 500 मिलीग्राम CoQ10 की जरूरत होती है.
