हर्षवर्धन राणे की फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ 9 साल बाद री-रिलीज हुई है. जो एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर तहलचा मचा रही. फिल्म ने अभी तक काफी अच्छी कमाई भी कर ली है.
बहुत कम लोग जानते होंगे कि हर्षवर्धन ने एक्टर बनने के लिए कड़ा संघर्ष किया है.
उन्होंने स्ट्रगल के दौर में हॉस्टल में साफ-सफाई से लेकर फोन बूथ पर नौकरी तक कई काम किए है.
फिर एक्टर को फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ से बॉलीवुड में काम करने का मौका मिला. लेकिन एक्टर की ये फिल्म उस दौरान कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. फिल्म की कहानी तो लोगों को पसंद आई, लेकिन ये हिट की कैटेगिरी में शामिल नहीं हो पाई.
इसको लेकर एक्टर ने नवभारत टाइम्स से बातचीत की और कहा कि, ‘मैंने फिल्म को लेकर कई सपने देखे. लेकिन ये चली नहीं. इसके बाद मुझे काम के लिए कोई फोन भी नहीं आया.’
इसके बाद एक्टर ने एक बार फिर पढ़ाई करने के बारे में सोचा और उन्होंने 40 की उम्र में कॉलेज में एडमिशन लिया. इतना ही नहीं वो अच्छे नंबरों से पास भी हुए.
हर्षवर्धन ने सायकॉलजी ऑनर्स में एडमिशन लिया था. एक्टर ने फर्स्ट ईयर में अपने एग्जाम 82 प्रतिशत नंबरों से पास किए. एक्टर ने बताया था कि ये उन्होंने अपने पिता को खुशी देने के लिए किया. जो अब इस दुनिया में नहीं है.
इस दौरान एक्टर ने ये भी बताया कि, ‘एक बार जब वो एग्जाम दे रहे थे तो एक्जामिनर ने उनसे शीट छीन ली थी. ये देखकर वो काफी हैरान रह गए थे. क्योंकि एक्टर बनने के बाद मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ था.’
एक्टर ने कहा कि, ‘शुरू में मैं जब एग्जाम देने जाता था तो मास्क लगाता था. इसलिए किसी ने मुझे नहीं पहचाना. फिर एक पेपर में लाइट चली गई और मैंने मास्क हटा दिया. तो सबने मुझे पहचान लिया और वहां काफी हलचल मच गई थी.’
