संगम पर की पिंडदान
ममता कुलकर्णी शुक्रवार शाम संगम पर पिंडदान कीं। एबीपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही उनका आधिकारिक तौर पर राज्याभिषेक किन्नर अखाड़े में होगा। साथ ही, उन्हें आज से नया नाम भी दिया जा रहा है। अब उन्हें ‘श्री यामाई ममता नंद गिरि (Shri Yamai Mamta Nand Giri)’ के नाम से जाना जाएगा।
किन्नर अखाड़े की आचार्य से की मुलाकात
ममता ने किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी जय अंबानंद गिरि से मुलाकात की है। इस मुलाकात की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आए हैं। तस्वीरों में वह भगवा वस्त्र पहने और गले में रुद्राक्ष की माला पहने नजर आ रही हैं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
उन्होंने कहा, ”महाकुंभ में आना और इसकी भव्यता को देखना मेरे लिए बहुत यादगार पल है। यह मेरा सौभाग्य होगा कि मैं भी महाकुंभ के इस पावन अवसर की साक्षी बन रही हूं।”
‘किन्नर अखाड़ा’ का इतिहास
वर्ष 2015 में सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने ‘किन्नर अखाड़ा’ की स्थापना की थी। लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ मिलकर ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने का काम शुरू किया। ‘किन्नर अखाड़ा’ की स्थापना के पीछे का उद्देश्य समाज में ‘किन्नरों’ को सम्मान दिलाना है।
52 वर्षीय ममता 1990 के दशक में घर-घर में एक लोकप्रिय नाम थीं। उन्होंने करण अर्जुन, क्रांतिवीर, सबसे बड़ा खिलाड़ी, चाइना गेट और आंदोलन सहित कई सुपरहिट बॉलीवुड फिल्मों में एक्टिंग किया है। उनकी आखिरी हिंदी फिल्म 2002 में रिलीज हुई ‘कभी तुम कभी हम’ थी।
