भारत में आधार कार्ड एक अनिवार्य पहचान दस्तावेज बन चुका है, जिसका उपयोग बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सेवाओं के लिए किया जाता है। UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने 10 साल या उससे अधिक पुराने आधार कार्ड को अपडेट कराने की सिफारिश की है, ताकि नागरिकों की जानकारी सटीक और सुरक्षित बनी रहे।
जम्मू-कश्मीर में आधार अपडेट अभियान
UIDAI ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर आधार अपडेट कैंपेन शुरू किया है, जिसके तहत सभी जिलों में आधार केंद्र बनाए गए हैं।
- नवजात शिशुओं के आधार कार्ड – अब अस्पतालों में ही वेरिफाइड बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाया जाएगा।
- बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक अपडेट – नागरिकों को अपने नाम, उम्र, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक डिटेल्स समय-समय पर अपडेट करने की सलाह दी जा रही है।
- 1000 से ज्यादा आधार केंद्र – पूरे देश में नागरिकों की सुविधा के लिए अधिक आधार सेवा केंद्र बनाए गए हैं।
5 और 15 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर बच्चों को अपने आधार में #बायोमेट्रिक्स -उंगलियों के निशान, आईरिस और फोटो को अपडेट कराना आवश्यक है। इसे अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट या एमबीयू के रूप में जाना जाता है। #एमबीयू के कई लाभों को समझने के लिए वीडियो देखें।#आधार #बायोमेट्रिकअपडेट… pic.twitter.com/Cv1BpORzUC
— Aadhaar (@UIDAI) February 18, 2025
आधार अपडेट के नियम
- हर 10 साल में आधार अपडेट कराना जरूरी है।
- बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) – 5 और 15 साल की उम्र में बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो) अपडेट करना जरूरी है।
- समय पर अपडेट न करने पर कार्ड हो सकता है कैंसिल।
कैसे करें आधार अपडेट?
- ऑनलाइन अपडेट:
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- अपनी डिटेल्स अपडेट करें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- ऑफलाइन अपडेट:
- नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें।
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद अपडेट हो जाएगा।
UIDAI की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की जानकारी अप-टू-डेट रहे और सरकारी सेवाओं तक निर्बाध पहुंच बनी रहे। जिनका आधार कार्ड 10 साल से पुराना है, वे जल्द से जल्द अपडेट करा लें।
