मोटापे के खिलाफ लड़ाई की जोरदार वकालत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लोगों से खाने में कम तेल का उपयोग करने और 10 अन्य लोगों को यह चुनौती देने का आग्रह किया था।
मोटापे की बढ़ती समस्या पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वस्थ देश के लिए मोटापे की समस्या से निपटने पर बल देते हुए रविवार को देशवासियों से खाने के तेल की खपत में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आह्वान किया। आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की ताजा कड़ी में उन्होंने एक शोध का हवाला देते हुए कहा कि आज हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे की समस्या से परेशान है और बीते कुछ वर्षों में ऐसे मामले दोगुने हो गए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में दुनिया-भर में करीब 250 करोड़ लोगों का वजन आवश्यकता से भी कहीं ज्यादा था। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े बेहद गंभीर हैं। हम सभी को सोचने पर मजबूर करते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिक वजन या मोटापा कई तरह की परेशानियों को बीमारियों को भी जन्म देता है। लेकिन सब मिलकर छोटे-छोटे प्रयासों से इस चुनौती से निपट सकते हैं। उन्होंने इसका तरीका सुझाते हुए कहा कि खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कमी करना। आप तय कर लीजिए कि हर महीने 10 प्रतिशत कम तेल उपयोग करेंगे। आप तय कर सकते हैं कि जो तेल खाने के लिए खरीदा जाता है, खरीदते समय ही अब 10 प्रतिशत कम ही खरीदेंगे।पीएम मोदी ने तेल की खपत में 10 प्रतिशत की कटौती करने के साथ ही कहा कि वह 10 लोगों से ऐसा करने का अनुरोध करें और फिर वे 10 लोग अन्य 10 व्यक्तियों को ऐसा करने की चुनौती दें। प्रधानमंत्री ने ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा और बॉक्सिंग खिलाड़ी निखत जरीन सहित कुछ अन्य हस्तियों के ऑडियो संदेश भी श्रोताओं को सुनाए और लोगों से मोटापे को कम करने या रोकने के लिए उपाय करने का आग्रह किया।
