Pakistan Train Hijack Update: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उन्होंने जाफर एक्सप्रेस से पकड़े गए सभी पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला है। BLA के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार ने उनके बदले की पेशकश को ठुकरा दिया और इसके बजाय एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया।
संगठन ने कहा कि बलूच राष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने इन सैनिकों को बलूच लोगों के नरसंहार, जबरन गायब करने, संसाधन लूटने और युद्ध अपराधों का दोषी पाया था, जिसके बाद उन्हें सजा दी गई।
बता दें पाकिस्तान में हाईजैक हुई जफर एक्सप्रेस के अंदर का नजारा खौफनाक और डरा देने वाला है। एक रिहा हुए यात्री ने अपनी आंखों से देखा मंजर बताया है, उसने बताया कि चारों तरफ लाशें ही लाशें बिछी थीं, चीख-पुकार मची थी और बंदूकधारियों ने पूरी ट्रेन के यात्रियों को बंधक बना लिया। हालांकि बाद में महिला-छोटे बच्चों समेत कई यात्रियों को आतंकवादियों ने ट्रेन से नीचे उतारा और उन्हें सुरक्षित जाने दिया। जानते हैं प्रत्यक्षदर्शियों ने और क्या कुछ देखा।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कैसा है मंजर
सुरक्षा सूत्रों की माने तो जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक किए जाने के बाद सुरक्षाबलों ने अब तक 155 यात्रियों को बलूच विद्रोहियों के कब्जे से बचाया है, वहीं मुठभेड़ के दौरान अब तक 27 हाईजैकर्स को मार गिराया गया है। साथ ही यह भी पता चला है कि जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने वाले विद्रोही अफगानिस्तान में अपने मददगारों के संपर्क में हैं।
आत्मघाती हमलावरों ने कुछ बंधक यात्रियों को अपने पास ही रखा है। बंधकों को छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना जमीन के साथ-साथ आसमान से भी अभियान चला रही है। उग्रवादी अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की कैद से रिहा हुए कुछ लोगों ने घटना की आपबीती बताई है।एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने अपनी आंखों से देखा कि ट्रेन के चारों तरफ कम से भी कम 70 – 80 लाशें पड़ी हुई हैं। चीख पुकार के बीच ट्रेन के डिब्बों में आतंकवादियों ने यात्रियों को घेरा हुआ है।
बंदूकधारियों ने ट्रेन को हाईजैक किया
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी से पता चला कि, जिस वक्त ट्रेन को हाईजैक किया, उसके बाद से लोगों में हड़कंप मचा है, वे चीखते-चिल्लाते दिखाई दे रहे हैं। ट्रेन में मौजूद सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन में ही लेट गए। इस प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमने ब्लास्ट और फायरिंग की आवाजें भी सुनीं। उन्होंने बताया, ‘मैं और मेरी पत्नी ट्रेन में सवार थे। इसके बाद बंदूकधारियों ने हमें ट्रेन से नीचे उतारा और वहां से सुरक्षित जाने दिया। वहां से निकलने के बाद हम लोग पैदल ही लौट पाए हैं।’
