मेरठ. मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड की जांच में हर दिन नए और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस की तफ्तीश में अब यह बात उजागर हुई है कि हत्यारोपी पत्नी मुस्कान ने सौरभ की हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए डॉक्टर के पर्चे और ऑनलाइन सर्च का सहारा लिया था.नींद की गोलियों से लेकर नशीली दवाओं तक, हर कदम सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था.
डॉक्टर के पर्चे पर क्या-क्या लिखा?
मुस्कान ने 22 फरवरी 2025 को शारदा रोड के एक डॉक्टर के पास जाकर खुद को डिप्रेशन का मरीज बताया. उसने डॉक्टर से नींद की गोलियां लिखवाने की गुहार लगाई, क्योंकि बिना पर्चे के ऐसी दवाएं मिलना मुश्किल था. डॉक्टर ने उसकी बात मानकर नींद की गोलियां प्रेस्क्राइब कीं, लेकिन मुस्कान यहीं नहीं रुकी. उसने गूगल पर सर्च करके नींद और नशे की गोलियों के कुछ खास साल्ट (रासायनिक नाम) खोजे और उन्हें डॉक्टर के पर्चे पर अपनी मर्जी से जोड़ दिया. इसके बाद वह अपने प्रेमी साहिल के साथ खैरनगर पहुंची और वहां से नींद की गोलियों के साथ-साथ नशीली दवाएं भी खरीदीं. पुलिस को संदेह है कि पर्चे पर लिखे गए साल्ट में डायजेपाम या अल्प्राजोलम जैसी दवाएं शामिल हो सकती हैं, जो गहरी नींद और बेहोशी पैदा करने में सक्षम हैं.
ऑनलाइन क्या-क्या मंगाया?
मुस्कान की साजिश सिर्फ डॉक्टर के पर्चे तक सीमित नहीं थी. उसने ऑनलाइन सर्च के जरिए हत्या को अंजाम देने के लिए जरूरी सामान की जानकारी जुटाई. जांच में पता चला कि उसने गूगल पर नींद और नशे की गोलियों के प्रभाव, उनके साल्ट और उपलब्धता को खंगाला. इसके अलावा, उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कुछ दवाओं के बारे में जानकारी हासिल की, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसने दवाएं ऑनलाइन ऑर्डर कीं या स्थानीय दुकान से खरीदीं. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या उसने कोई डिलीवरी ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल किया. इसके साथ ही, शारदा रोड से 800 रुपये में दो मीट काटने वाले चाकू, 300 रुपये में उस्तरा और पॉली बैग भी खरीदे गए, जो संभवतः स्थानीय दुकानों से लिए गए थे, लेकिन ऑनलाइन सर्च से उनकी कीमत और उपलब्धता की पड़ताल की गई होगी.
हत्या की साजिश में इस्तेमाल
मुस्कान ने इन नींद की गोलियों और नशीली दवाओं का इस्तेमाल सौरभ को बेहोश करने के लिए किया. 3 मार्च को सौरभ अपनी मां रेणु के घर से लौकी के कोफ्ते की सब्जी लाया था. मुस्कान ने कोफ्तों में नींद की गोलियां और नशीली दवाएं मिला दीं. इससे पहले उसने सौरभ की शराब में भी नींद की गोलियां मिलाने की कोशिश की थी, लेकिन सौरभ ने शराब नहीं पी. कोफ्तों में दवा मिलाने के बाद सौरभ बेहोश हो गया, जिसके बाद मुस्कान और साहिल ने उसकी गर्दन उस्तरे से काटी और शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए.
पुलिस की जांच जारी
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मुस्कान और साहिल ने नवंबर 2024 से ही सौरभ की हत्या की प्लानिंग शुरू कर दी थी. डॉक्टर के पर्चे और ऑनलाइन सर्च इस साजिश के अहम हिस्से थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पर्चे पर लिखी गई दवाओं के अलावा और क्या-क्या ऑनलाइन मंगाया गया. फॉरेंसिक टीम दवाओं के सैंपल की जांच कर रही है ताकि उनके सटीक प्रभाव का पता लगाया जा सके.
इस हत्याकांड ने मेरठ ही नहीं, पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. सौरभ को रास्ते से हटाने की यह खौफनाक साजिश डॉक्टर के पर्चे और ऑनलाइन सर्च से शुरू होकर बाथरूम में शव के टुकड़े करने तक पहुंची, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है.
