रायपुर, 24 फरवरी 2025: छत्तीसगढ़ मेें एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2 रिश्वतखोर लोकसेवकों समेत तीन लोगों पर पर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मुंगेली जिला के थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक और उसके सहयोगी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एएसआई के द्वारा केस में बड़ी धारा जुड़ने से बचाने के एवज में 15 हजार की मांग की गई थी। वहीं, दूसरी बड़ी कार्रवाई रायगढ़ में हुई है। एसीबी की टीम ने तहसील घरघोड़ा में पेट्रोल पंप संचालक से रिश्वत लेते नापतौल निरीक्षक को रिश्वत लेते पकड़ा है।दरअसल, शिकायतकर्ता देवेंद्र बर्मन ग्राम सूरजपुरा मुंगेली निवासी ने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की कि उसके खिलाफ थाना लालपुर मुंगेली में अपराध दर्ज है। मामले में बड़ी धारा जुड़ने से बचाने के लिए थाने के सहायक उप निरीक्षक राजाराम साहू द्वारा 15,000 रिश्वत की मांग की जा रही है।
प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। आरोपी द्वारा 15,000 में सहमति बनी। जिसमें से 5,000 उसी समय ले लिया गया। आज ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से सहायक उप निरीक्षक एवं उनके सहयोगी मेडिकल स्टोर संचालक प्रेमसागर जांगड़े को बची हुई राशि 10,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 एवं 12 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। तहसील घरघोड़ा जिला रायगढ़ के एक पेट्रोल पंप संचालक के द्वारा एंटी
करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि उसके पेट्रोल पंप में नोजल स्टैपिंग का कार्य करने के एवज में रायगढ़ में पदस्थ नापतौल निरीक्षक ओलिभा किस्पोट्टा के द्वारा 20,000 रु. रिश्वत की मांग की जा रही है। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपिया द्वारा 18,000 में सहमति बनी, जिसमें से 10,000 रू. उसी समय ले लिया गया। आज ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से आरोपी ओलिभा किस्पोट्टा, निरीक्षक को बची हुई राशि 8,000 रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ा गया। प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
