धामी सरकार ने उत्तराखंड राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष में सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट के लिए खास प्रावधान किया है. इसके तहत निर्माण कार्यों पर 14,763 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार प्रदेश का बजट एक लाख करोड़ की राशि को पार हुआ है. गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी यानी ज्ञान (जीवाईएएन) को प्राथमिकता देते हुए इनके कल्याण की योजनाओं के लिए 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि की व्यवस्था की गई है. गत वर्ष विंटर टूरिज्म पर जोर देने के बाद इस वर्ष स्प्रिचुअल टूरिज्म पर आगे बढ़ते हुए धर्मनगरी हरिद्वार-ऋषिकेश के विकास को उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड के लिए 168 करोड़ की राशि रखी गई है. जबकि, चंपावत जिले में शारदा कारिडोर के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है. ऐसे ही कमजोर व वंचित वर्गों को पेंशन, आवास, कल्याण योजनाओं के रूप में सामाजिक सुरक्षा के लिए 3000 करोड़ से अधिक राशि बजट में रखी गई है.
वित्त मंत्री ने पेश किया बजट
विधानसभा सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद दोपहर 12.30 बजे वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 101175.33 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया. विधानसभा में दूसरी बार दोपहर 12.30 बजे बजट रखा गया. जबकि, इससे पहले शाम चार बजे बजट प्रस्तुत करने की परंपरा का निर्वहन किया गया. नया बजट राजस्व सरप्लस एवं कर मुक्त है. इसमें राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है. बजट में राजस्व व्यय 59,954.65 करोड़, पूंजीगत व्यय 41,220.68 करोड़ रुपये संभावित है. इसमें 12, 604.92 करोड़ का राजकोषीय घाटा होने का अनुमान है. वित्त मंत्री ने बताया कि राजकोषीय घाटा एफआरबीएम एक्ट की सीमा के अंतर्गत है.
बजट पर एक नजर
-वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के लिए 18197.10 करोड़
-सहायता प्राप्त शिक्षण व अन्य संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर 1447.26 करोड़
-पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभ के रूप में 9917.40 करोड़ खर्च अनुमानित
-लोन देनदारी पर 26005.66 करोड़ व ब्याज अदायगी पर 6990.14 करोड़ किए जाएंगे खर्च
-अवस्थापना विकास के लिए 14763 करोड़ की राशि का प्रावधान
-पीएम आवास योजना को 207 करोड़ व निशुल्क बस सेवा के लिए 40 करोड़
प्राप्तियां और व्यय
-वर्ष 2025-26 के लिए 1,01,175.33 करोड़ का बजट
-कुल प्राप्तियां 101034.75 करोड़ अनुमानित
-कुल व्यय में राजस्व व्यय 59,954.65 करोड़
41,220.68 करोड़ पूंजीगत व्यय
– राजस्व प्राप्तियां 62,540.54 करोड़
– पूंजीगत प्राप्तियां 38,494.21 करोड़
कर राजस्व 39917.74 करोड़
-इसमें केंद्रीय करों में राज्य का अंश 15902.92 करोड़
-राज्य के स्वयं के स्रोतों से प्राप्त राजस्व 28410.30 करोड़
-इसमें कर राजस्व 24014.82 करोड़
-राजकोषीय घाटा 12, 604.92 करोड़ होने का अनुमान
जेंडर बजट में 2423.27 करोड़ की वृद्धि
नारी सशक्तीकरण पर केंद्र सरकार के जैसे राज्य सरकार ने भी गंभीरता दिखाई है. इस बार के जेंडर बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 2423.27 करोड़ की वृद्धि की गई है. जेंडर बजट की राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, रोजगार, स्वरोजगार समेत अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा.
वित्तीय वर्ष — बजट (करोड़ रुपये में)
2025-26 16961.32
2024-25 14538.05
2023-24 13920.13
जेंडर बजट में किए गए प्रावधान
157.84 करोड़ – नंदा गौरा योजना
29.81 करोड़ – सीएम बाल पोषण योजना
22.62 करोड़ – मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना
18.88 करोड़- मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना
14.13 करोड़ – ईजा-बोई शगुन योजना
14 करोड़ – मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना
13.96 करोड़ – मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना
08 करोड़- सीएम बाल व महिला बहुमुखी विकास निधि
05 करोड़- निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह को
3.76 करोड़ – सीएम अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना
5 करोड़ – मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना
5 करोड़ – महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना को
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