Delhi: दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा वहीं, अब में सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) ने अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक सीएम आवास मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
ये आदेश केंद्रीय लोक निर्माण विभाग(CPWD) की एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद मिला है। इस रिपोर्ट में CPWD ने 6 फ्लैगस्टाफ बंगले में पुनर्निमार्ण में वित्तीय अनियमितताओं की बात कही है।
दरअसल, शीशमहल जिसे 6 फ्लैगस्टाप बंगला के नाम से जाना जाता है दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का आधिकारिक आवास था जिसमें वो 2015-2024 तक सीएम के तौर पर रहे थे। भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बीजेपी ने जमकर आलोचना कि जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तिफा दे दिया और इस आवास को खाली कर दिया। अरविंद केजरीवाल के बाद इस आवास में आतिशी सीएम के तौर पर रह रही थीं।
Delhi News: ‘शीशमहल’ मामला क्या है ?
6 फ्लैगस्टाफ बंगले जो दिल्ली का सीएम हाउस है, इसी बंगले को बीजेपी शीशमहल कहती है। CPWD के रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंगले के रिकंस्ट्रकशन में कई गड़बडियां पाई गई हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बंगले के जीर्णोद्धार में कई नियमों का उल्लंघन किया गया है और मानक से अधिक पैसे खर्च किए गए हैं। सीपीडब्ल्यूडी ने ये रिपोर्ट भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच के बाद प्रसतुत किया था।
दरअसल,14 फरवरी 2024 को विजेंद्र गुप्ता ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पूर्व आवास में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए सीवीसी में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। वीजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस बंगले में विलासिता की वस्तुओं पर सरकारी धन का इस्तेमाल किया गया है जो कि एक गंभीर मामला है। 5 नवंबर को, सेंट्रल विजिलेंस कमीशन ने वीजेंद्र गुप्ता की इस शिकायत को संज्ञान में लिया और जांच की थी।
Delhi News:चुनाव के दौरान बीजेपी ने बनाया मुद्दा
भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान इस मुद्दे को खूब भुनाया और केजरीवाल पर हमलावर रही थी। बीजेपी ने केजरीवाल के इस पूर्व आवास को शीशमहल का नाम देकर जनता के बीच उनपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही।
