रायपुर/दिल्ली। दिल्ली में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की बैठक हुई, जिसमें संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों से कहा, ‘निश्चित रूप से आपका पावर बढ़ेगा, लेकिन जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी।’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अधिवेशन में इसके लिए योजना बनेगी। राहुल गांधी ने फील्ड में निष्क्रिय रहने वालों और पार्टी बैठकों से नदारद रहने वालों को लेकर कहा कि ऐसे लोगों को हटाया जाएगा और अच्छा काम करने वालों को ज्यादा ताकत मिलेगी। राहुल-खड़गे ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों को जो निर्देश दिए है जिससे मनमानी करने वाले बड़े नेताओं को झटका लगा है।
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘आप लोग संकट में पार्टी के साथ रहे, जमीन पर संघर्ष कर रहे हो, जिन्हें मंत्री और चेयरमैन बनाया, वे पार्टी छोड़कर चले गए। जो संकट के समय पार्टी के साथ रहता है, वही असली योद्धा होता है।’ इस बैठक में छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश और चंडीगढ़ के जिला अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक की व्यवस्था इस बार राज्यवार नहीं थी, बल्कि रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर बैठने की व्यवस्था की गई थी, जिससे सभी को अलग-अलग राज्यों के जिला अध्यक्षों के साथ बैठने का मौका मिला। यहां राज्य के अनुसार बैठक व्यवस्था नहीं थी बल्कि हर किसी को अलग-अलग जगह सीट अलॉट की गई थी।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहे। बातचीत के दौरान बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, आगामी रणनीतियों को लेकर अहम चर्चा हुई। बैठक में कई जिला अध्यक्षों ने कहा कि सत्ता आने के बाद संगठन को दरकिनार कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि संगठन और सत्ता को साथ चलना चाहिए, लेकिन कई राज्यों में ऐसा नहीं हो पाया।
‘हमारे पास पद तो है, लेकिन पावर नहीं।’ ये शिकायत लगभग सभी राज्यों के जिला अध्यक्षों की थी। उनका कहना था कि जिलों में संगठनात्मक फैसलों में विधायकों, पूर्व विधायकों और स्थानीय प्रभावी नेताओं का जरूरत से ज्यादा दखल होता है। इससे संगठन के स्वतंत्र रूप से काम करने में बाधा आती है। इस पर जिला अध्यक्षों ने मांग रखी कि AICC स्तर से इस मुद्दे को मॉनिटर किया जाए और संगठन को सशक्त करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं। इस पर जिला अध्यक्षों ने मांग रखी कि AICC स्तर से इस मुद्दे को मॉनिटर किया जाए और संगठन को सशक्त करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।
