Lucknow airport news: लखनऊ में चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय (CCSI) हवाई अड्डे से यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लखनऊ के एयर पोर्ट पर 1 मार्च से अगले पांच महीने तक दिन की सभी उड़ानें बंद कर दी गई है।
लखनऊ एयरपोर्ट पर “रनवे रीकार्पेटिंग” प्रोजेक्ट के तहत नवीनीकरण संबंधी काम की शुरूआत हो रही है, जिसके चलते 1 मार्च से हर दिन 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच उड़ान संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही लखनऊ एयरपोर्ट ने यात्रियों को सलाह दी है कि जो इस अवधि के दौरान फ्लाइट बुक करवा चुके हैं वो फ्लाइट की टाइमिंग के बदलाव या अपडेट के लिए अपनी एयरलाइनों के संपर्क में रहें।
बंद की कई दिन की फ्लाइट की बुकिंग
लखनऊ एयरपोर्ट प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार डीजीएसी से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही अधिसूचना भी जारी कर दी जाएग। एयरपोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोजेक्ट के चलतने एयरलाइंस अपने समर शेड्यूल में कई परिवर्तन कर चुकी है। दिन में बुकिेग करने का ऑप्शन नहीं नजर आ रहा है।
20 हजार लोग करवा चुके हैं एडवांस बुकिेंग
सूत्रों के अनुसार लगभग 20 हजार लोग अपने फ्लाइट के टिकट की एडवांस बुकिेंग करवा चुके हैं। जिन्हें एयरलाइंस को कैंसिल करना पड़ा सकता है।
5 महीने तक नहीं होगा दिन की फ्लाइट का संचालन
बता दें रनवे रीकार्पेटिंग प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ एयरपोर्ट को आकर्षक और यात्रियों के लिए और सुविधाजनक बनाए जाने के लिए नवीनीकरण किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर 1 मार्च से शुरू किए जा रहे नवीनीकरण कार्य के चलते 136 दिनों में 1,088 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ सकती हैं, जिससे अनुमानित 1.84 लाख यात्री प्रभावित होंगे।
लखनऊ एयरपोर्ट यात्रियों की सुविधा के लिए क्या कर रहा उपाय?
नवीनीकरण संबंधी कार्यो से एयर पोर्ट पर व्यवधान को कम करने और फ्लाइट के परिचालन को बनाए रखने के लिए लखनऊ एयरपोर्ट प्रतिदिन 132 एयरक्राफ्ट ट्रैवल मूवमेंट (एटीएम) संचालित करेगा, जो इसकी लगभग 140 एटीएम की नियमित क्षमता से थोड़ा कम है।
लखनऊ एयरपोर्ट के लिए क्यों खास है ये प्रोजेक्ट?
इस प्रोजेक्ट में एयरपोर्ट की बनावट और घर्षण संवर्द्धन (friction enhancement) सहित व्यापक स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा। शामिल है, जिसे 15 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रीकार्पेटिंग कार्य में मौजूदा बिटुमिनस रनवे सतह की मिलिंग शामिल है, इसके बाद कठोर डिजाइन मानदंडों और नियामक मानकों को पूरा करने के लिए इनले और ओवरले प्रक्रिया की जाती है।
टैक्सीवे
कुल 1.80 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस अपग्रेड में रनवे और टैक्सीवे दोनों शामिल हैं। रनवे की सतह के काम के अलावा, हवाई अड्डे पर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में सुधार किए जाने की योजना है। लैंडिंग के बाद या टेकऑफ़ से पहले विमान की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने के लिए 2,744 मीटर की दूरी पर एक नया फुल लेंथ वाला समानांतर टैक्सीवे बनाया जाएगा। एक और टैक्सीवे, P9, भी विकसित किया जाएगा। इन सुधारों का उद्देश्य विमान के प्रवेश और निकास को तेज़ और अधिक कुशल बनाना है, जिससे ज़मीन पर डाउनटाइम कम हो।
