माघ पूर्णिमा को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र तिथि माना जाता है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं में होते हैं और यह माघ मास का अंतिम दिन होता है। इसे माघी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन सभी देवी-देवता गंगा स्नान के लिए धरती पर आते हैं, जिससे इस तिथि पर स्नान, दान और जाप का विशेष महत्व बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और हनुमान जी की उपासना करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु इस दिन गंगा जल में निवास करते हैं, जिससे गंगा स्नान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
इसके अलावा, धन-समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा भी अत्यंत शुभ मानी जाती है। माघ पूर्णिमा 2025 में 12 फरवरी को मनाई जाएगी, जो भक्तों के लिए पुण्य अर्जित करने का उत्तम अवसर है।
भगवान विष्णु और हनुमान जी की पूजा का महत्व
माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और हनुमान जी की उपासना करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु स्वयं गंगा जल में निवास करते हैं, जिससे इस दिन गंगा स्नान और विष्णु पूजा का फल कई गुना अधिक हो जाता है।
धन-समृद्धि और शुभता के लिए खास उपाय
श्रीहरि और मां लक्ष्मी की उपासना करें, साथ ही मां लक्ष्मी को 11 कोड़ियां अर्पित करें और हल्दी से तिलक करें, जिससे धन-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
माता तुलसी की पूजा करें, क्योंकि तुलसी मां को लक्ष्मी जी का ही स्वरूप माना जाता है। शाम को तुलसी के आगे दीपक जलाने से शुभ फल मिलता है।
पीपल के पेड़ को मीठा और जल अर्पित करें, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
माघ पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक उन्नति, पुण्य प्राप्ति और धन-वैभव के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सच्चे मन से की गई भक्ति और दान का विशेष फल प्राप्त होता है।
