नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ओडिशा के स्थापना दिवस, जिसे उत्कल दिवस के रूप में मनाया जाता है, के अवसर पर राज्य के लोगों को बधाई दी। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि भारत को ओडिशा के इतिहास, साहित्य और संगीत पर गर्व है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “उत्कल दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ! यह दिन ओडिशा की गौरवशाली संस्कृति के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है। भारत ओडिशा के इतिहास, साहित्य और संगीत पर गर्व करता है।”
पीएम मोदी ने ओडिशा के मेहनती नागरिकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने ओडिशा की प्रगति के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ओडिशा के लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
Odisha Day 2025: क्यों मनाया जाता है उत्कल दिवस?
उत्कल दिवस प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1936 में ओडिशा के बंगाल प्रांत से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बनने की स्मृति में मनाया जाता है। ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, साहित्य, कला और संगीत भारत की बहुआयामी संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
ओडिशा सरकार और स्थानीय संगठनों ने इस अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, परेड और सम्मान समारोह शामिल रहे। उत्कल दिवस के अवसर पर राज्यभर में उत्सव का माहौल देखने को मिला है।
