प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओवल ऑफिस में वापसी के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा होगी। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “तथ्य यह है कि नए प्रशासन के कार्यभार संभालने के बमुश्किल तीन हफ्ते के भीतर प्रधान मंत्री को अमेरिका की यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है, जो भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्व को दर्शाता है और यह इस बात को भी दर्शाता है कि इस साझेदारी को अमेरिका में द्विदलीय समर्थन हासिल है।”
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ AI एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की, जिसके बाद अब वह अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं।
पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा का पूरा कार्यक्रम
पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा में नवनिर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापार, रणनीतिक रक्षा सहयोग और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के संबंध में चर्चा शामिल होगी।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा “भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्व को दर्शाती है और अमेरिका में इस पार्टनरशिप को प्राप्त द्विदलीय समर्थन को भी दिखाती है।”
उन्होंने कहा कि आपसी हित के सभी एरिया में नए प्रशासन को शामिल करने का यह एक “बेशकीमती अवसर” होगा।
पीएम मोदी के यात्रा कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ रिस्ट्रिक्टिड और डेलीगेशन लेवल दोनों फॉर्मेट में द्विपक्षीय वार्ता शामिल है। प्रधानमंत्री के वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से मिलने और शीर्ष व्यापारिक नेताओं और भारतीय प्रवासियों के सदस्यों के साथ बातचीत करने की भी उम्मीद है। पीएम मोदी टेस्ला के CEO और DOGE प्रमुख एलॉन मस्क से भी मुलाकात कर सकते हैं।
विदेश सचिव ने कहा, “दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में हितों का स्पष्ट अभिसरण है – व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग, आतंकवाद विरोधी, भारत-प्रशांत सुरक्षा और निश्चित रूप से, लोगों से लोगों के संबंध।”
