मसालों के दाम में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हल्दी के दाम में आज 2% से ज्यादा की गिरावट देखी गई। NCDEX पर हल्दी के दाम 13300 से नीचे पहुंच गए हैं। NCDEX पर हल्दी का अप्रैल वायदा 13300 से नीचे फिसला।
वहीं धनिया के दाम भी 8200 से नीचे फिसले है।
मसालों की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में धनिया में 1 फीसदी का उछाल आया है जबकि 1 महीने में इसमें 7 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। वहीं जनवरी 2025 से अब तक धनिया ने 2 फीसदी की छलांग लगाई है। जबकि 1 साल में इसमें 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
वहीं दूसरी हल्दी की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में 0.48 फीसदी की गिरावट आई जबकि 1 महीने में हल्दी 13 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं जनवरी 2025 से अब तक हल्दी ने 11 फीसदी लुढ़का है। जबकि 1 साल में इसमें 26 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
इसी तरफ जीरे की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 4 फीसदी की गिरावट आई जबकि 1 महीने में 16 फीसदी लुढ़का है। वहीं जनवरी 2025 से अब तक जीरे ने 18 फीसदी लुढ़का है। जबकि 1 साल में इसमें 26 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
बता दें कि 1 फरवरी 2025 को हल्दी के दाम 13246 रुपये प्रति क्विंटल पर रहे जबकि 3 फरवरी को हल्दी के दाम 13118 रुपये प्रति क्विंटल, 5 फरवरी को हल्दी के दाम 13156 रुपये प्रति क्विंटल, 6 फरवरी को हल्दी के दाम 13446 रुपये प्रति क्विंटल, 7 फरवरी को हल्दी के दाम 13346 रुपये प्रति क्विंटल और 10 फरवरी को हल्दी के दाम 13260 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए।
NCDEX टर्मरिक कमेटी के पूनम चंद गुप्ता का कहना है कि निजामाबाद मार्केट में 25000 बोरी की आवक हुई है। इस महीने में रोजाना 15-20 हजार बोरी की आवक हुई। कई क्षेत्रों में उत्पादन कम हुआ है। थोड़े दिनों के बाद से ही महाराष्ट्र में भी आवक आना शुरू होगी। हल्दी की आवक ज्यादा होने के कारण सेटीमेंट मंदी की तरफ बढ़ रहा है। हल्दी के दाम में 8-10 रुपये की गिरावट संभव है। पूनम चंद गुप्ता का कहना है कि मौजूदा हालात देखकर कहना मुश्किल है कि बाजार की स्थिति ठीक होगी। हल्दी की मांग 500 रुपये का फर्क चल रहा है।
