लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, मिर्जापुर और वाराणसी से आ रहे हैं महाकुंभ, तो कितना चलना पड़ेगा पैदल? जानें

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Maha Kumbh 2025: महाकुंभ का कल यानी मौनी अमावस्या को दूसरा शाही यानी अमृत स्नान है. इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. मौनी अमावस्या के मौके पर देशभर से लोग बड़ी संख्या में प्रयागराज महाकुंभ संगम में स्नान करने के लिए पहुंचेंगे.इस मौके पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. इसके प्रशासन ने तगड़े इंतजाम कर रखे हैं. श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़े इसके नो व्हीकल जोन बनाए गए हैं. यानी महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं वाहनों की समस्या से निजात मिलेगा.

महाकुंभ में दूसरे अमृत स्नान को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं. यदि आप जौनपुर की ओर से आ रहे हैं तो 5-10 KM पैदल चलना पड़ेगा. फाफामऊ से आए तो 10-15 किमी पैदल चलना पड़ेगा. वाराणसी से आएं तो 10-15 KM पैदल चलना पड़ेगा. मिर्जापुर की ओर से आने वालों 5-10 KM तक पैदल चलना पड़ेगा. बांदा चित्रकूट से आए तो 5-10 KM तक पैदल चलना पड़ेगा. कानपुर कौशांबी से आए तो 5-15 किमी पैदल चलना पड़ेगा. लखनऊ से आए तो 10-15 किमी चलना पड़ेगा. अयोध्या से आए तो 10-15 किमी चलना पड़ेगा.

कब से कब तक है स्नान का शुभ मुहूर्त
इसी प्रकार स्नान के लिए 12KM में बने घाट में 1-2 किमी पैदल चलकर पहुंच जाएंगे. श्रद्धालुओं की बेहतर सुविधा के लिए 170 स्पेशल और 400 रुटीन ट्रेन चलाई जा रही हैं. प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 15 करोड़ से अधिक लोग संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. कल मौनी अमावस्या के मौके पर करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. बात करें मौनी अमावस्या के शुभ मुहूर्त की तो आज यानी 28 जनवरी को शाम 7 बजकर 35 से 29 जनवरी को शाम 6 बजकर 5 तक शुभ मुहूर्त है. मौनी अमावस्या के मौके पर सबसे पहले महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा सुबह 6:15 पर संगम में स्नान करेंगे और सबसे अंतिम में निर्मल पंचायती अखाड़ा दोपहर 3:40 बजे संगम में स्नान करेगा.

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