डोनाल्ड ट्रंप तीसरी बार बनेंगे अमेरिका के राष्ट्रपति? संवैधानिक सीमा के बावजूद इस कारण शुरू हुई ‘गंभीर’ चर्चा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

दो कार्यकाल की संवैधानिक सीमा के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने एक बार फिर राष्ट्रपति बनने की संभावना पर बहस छेड़ दी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके राष्ट्रपति पद का विस्तार करने के कई तरीके हैं और वह ‘मजाक’ नहीं कर रहे थे।

एनबीसी न्यूज के साथ एक्क्स्लूसिव इंटरव्यू में उनसे तीसरे कार्यकाल को लेकर उनके पिछले संकेतों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि वह मजाक नहीं कर रहे थे और इसके लिए कुछ तरीके भी हैं जिससे यह किया जा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले संकेत दिए थे कि वह आठ साल से अधिक समय तक राष्ट्रपति के तौर पर सर्विसेज दे सकते हैं। हालांकि अब उन्होंने जो कहा है, उससे उनके संकेतों की गंभीरता का पता चल रहा है।

क्या कहा Donald Trump ने?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अभी तो चार साल का कार्यकाल है जोकि लंबा समय है। हालांकि इसके बावजूद कई लोग कह रहा है कि एक बार और उन्हें राष्ट्रपति बनना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि उनके काम को लोग पसंद कर रहे हैं। ऐसे में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 20 जनवरी 2029 के बाद यानी मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद भी राष्ट्रपति बने रहना चाहते हैं तो उन्होंने इसका सीधा जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने यह कहा कि वह इस पर विचार तो नहीं कर रहे हैं लेकिन कई लोग उनसे तीसरे कार्यकाल के लिए कह रहे हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके सामने ठोस योजनाएं पेश की गई हैं जो संवैधानिक प्रतिबंध के बावजूद उन्हें फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति दे सकती हैं।

ट्रंप से जब वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने और फिर इस्तीफा देने के विकल्प पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह एक तरीका है लेकिन इसके अलावा भी और तरीके हैं। हालांकि उन्होंने और तरीकों के बारे में कुछ कहने से इनकार कर दिया।

क्या कहता है अमेरिकी कानून?

अमेरिकी इंडियाना के Notre Dame के चुनावी कानून जानकार प्रोफेसर डेरेक मूलर ने न्यूज एजेंसी एपी से बातचीत में तीसरे कार्यकाल को लेकर संवैधानिक बाधाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1804 के 22वें संशोधन के मुताबिक राष्ट्रपति के पद के लिए संवैधानिक रूप से अयोग्य कोई भी व्यक्ति उपराष्ट्रपति पद के लिए भी योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के कार्यकाल को बढ़ाने के किसी भी प्रयास के लिए संघीय और राज्य अधिकारियों, अदालतों और मतदाताओं से व्यापक सहयोग की आवश्यकता होगी। उनका कहना है कि तीसरे कार्यकाल की चर्चा ‘जितना संभव हो उतनी ताकत दिखाने’ की राजनीतिक रणनीति दिख रही है। दो कार्यकाल की सीमा को हटाने के लिए संविधान में बदलाव करना बेहद मुश्किल होगा। संवैधानिक सम्मेलन बुलाने के लिए या तो कांग्रेस में दो-तिहाई बहुमत या राज्यों के दो-तिहाई मंजूरी की आवश्यकता पड़ेगी। किसी भी प्रस्तावित संशोधन को तीन-चौथाई राज्यों से मंजूरी लेनी पड़ेगी।

कब से चला आ रहा दो कार्यकाल का नियम?

22वें संशोधन के पारित होने के बाद से किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने तीसरा कार्यकाल पाने की कोशिश नहीं की है। पहले यह परपंरा के तौर पर नहीं था यानी कि संवैधानिक सीमा नहीं थी। दो कार्यकाल के राष्ट्रपति पद की परंपरा वर्ष 1796 से चली आ रही है, जब जॉर्ज वाशिंगटन ने दो कार्यकाल के बाद अपनी इच्छा से पद छोड़ दिया, जिससे एक मिसाल कायम हुई जिसका पालन 140 से अधिक वर्षों तक हुआ। हालांकि फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने वर्ष 1932 और वर्ष 1944 के बीच लगातार चार चुनाव जीतकर इस परंपरा को तोड़ दिया। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्थिरता की जरूरत का हवाला देकर अपने बढ़े हुआ कार्यकाल को उचित ठहराया। रूजवेल्ट वर्ष 1945 में अपनी मृत्यु तक पद पर बने रहे। इसके बाद वर्ष 1951 में 22वां संशोधन पूरी तरह से लागू हुआ।

और पढ़ें

  • Buzz4 Ai
  • Ai / Market My Stique Ai
  • Buzz Open / Ai Website / Ai Tool