2 BMW कार समेत एक नोट गिनने की मशीन… MP की भोपाल पुलिस ने पकड़े महाठग, ₹2.50 करोड़ का सामान बरामद

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MP News: राजधानी भोपाल पुलिस ने सायबर ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी कार किराये से देने के नाम पर लोगों को ठगते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 BMW कार समेत करीब 2.50 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया है.

 

डीसीपी जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया, मुखबिर के ज़रिए अवधपुरी थाने पर सूचना मिली थी कि रीगल टाउन ब्लॉक नंबर-1 A फ्लैट नंबर-301 में 4-5 लड़के रहते हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं और वो महंगी लग्जरी गाड़ियों में घूमते हैं.

सूचना की तस्दीक के लिए थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के निर्देशन में तत्काल एक टीम गठित की गई. टीम ने पते पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया तो वहां फ्लैट के अंदर 5 लोग मिले. पूछने पर युवकों ने बताया कि वो zoom कार कंपनी में किराये से नॉन कमर्शियल कार देने का काम करते हैं.

पुलिस ने उससे जुड़े कागज़ और कार के बारे में जानकारी मांगी तो युवक घुमा-फिराकर बात करने लगे. शक होने पर पुलिस ने सख्ती से बात की तो युवकों ने सच उगल दिया. आरोपी युवकों ने बताया कि उनका नाम यश सलूजा, अंशुल प्रियांश, मयंक ठाकुर, अखिलेश पांडे और सहजप्रीत सिंह है.

ठगी को अंजाम देने का तरीका
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वो लोग Zoom कार कंपनी, जिसका हेड ऑफिस बैंगलोर में है, उस कंपनी में ऑनलाइन कार किराये पर देने की एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर लोगों को ठगते थे. इसके लिए दूसरे कार की अलग-अलग ऐंगल से 6 फोटो गूगल वेबसाइट से निकालकर डाल देते थे.

इसके साथ ही एक मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और एक फर्जी नाम भरकर उसको Zoom कार वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं. एप्लीकेशन अपलोड होते ही उसमें कार की बुकिंग 3 दिन बाद शुरू हो जाती थी. इसमें नॉन कमर्शियल कार लगती है जो बिना ड्रायवर के ग्राहक को देनी होती है. आरोपी कार की बुकिंग का स्थान मुंबई या दिल्ली बताते थे, जहां से ग्राहक को कार मिलनी होती थी.

ग्राहक बुकिंग के बाद पैसा एडवांस में Zoom कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर करना होता है. ट्रांसफर किये गये पैसे का 40% रुपया Zoom कंपनी खुद रख लेती है और 60% रुपया कंपनी आरोपियों के दिए गए बैंक अकाउंट में भेज देती थी. आरोपी उस पैसे को तुरंत ही निकाल लेते थे.

वहीं, जब ग्राहक मुंबई या दिल्ली में आरोपियों के बताए गए बुकिंग स्थान पर पहुंचकर वह आरोपियों के दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन लगाता था. यह वही नंबर है, जिसे आरोपियों ने एप्लीकेशन पर अपलोड करके रखा होता है. फोन कॉल आने पर आरोपी पहले दो-एक बार फोन रिसीव कर कहते थे कि आपके पास कार पहुंच रही है, लेकिन बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर लेते है.

इसके बाद ग्राहक जूम रिटेलिंग कंपनी को फोन लगाता था तो जूम कंपनी आरोपियों का संपर्क नंबर बंद पाने पर उनके बैंक अकाउंट, सिम, आईडी और मोबाइल फोन सब को ब्लॉक कर देती थी. इसके बाद आरोपी भी उस मोबाइल सिम और अकाउंट को बंद कर देते थे.

फिर दूसरे सिम को दूसरे मोबाइल में डालकर और दूसरे बैंक अकाउंट में जोड़कर फिर एक नया एप्लीकेशन जूम कार में अपलोड करते थे. इस प्रकार फिर से एक नई कार के 6 अलग-अलग एंगल से फोटो, एक नया सिम नम्बर और एक नया बैंक अकाउंट के साथ एक फर्जी व्यक्ति का नाम अपलोड कर देते थे और कार की बुकिंग फिर से चालू हो जाती थी.

ग्राहक रुपया ट्रान्सफर कर देते थे और यह गोरखधंधा ऐसे ही चलता रहता था. पुलिस ने इसके बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों पर पहले से ही धोखाधड़ी, चोरी, मारपीट सहित कई अपराध दर्ज हैं. आरोपियों ने बताया कि वो अपने घुमने फिरने और नशे के शौक को पूरा करने के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे.

2 BMW कार समेत ढाई करोड़ का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 बीएमडब्लू कार, एक XUV 500, 48 मोबाइल फोन और टैबलेट, 37 एटीएम कार्ड, 8 पासबुक, 13 चेकबुक, 92 सिम कार्ड, एक नोट गिनने की मशीन, एक बारकोड स्कैनर और कई इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स समेत करीब ढाई करोड़ कीमत का सामान बरामद किया है.

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