Delhi Chunav 2025:दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार पर जानबूझकर यमुना नदी को जहरीले पदार्थों से प्रदूषित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, यमुना में “जहर मिलाना” “राष्ट्रों के खिलाफ़ काम है।”
केजरीवाल ने चुनाव आयोग (ईसी) की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर “पूरी तरह से चुप” है, जबकि इसका सार्वजनिक स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है।
जल गुणवत्ता पर राजनीतिक तनाव
आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, “पानी में 7 पीपीएम अमोनिया है, जो मानव उपभोग के लिए खतरनाक है।” सिसोदिया ने मीडिया से इस मुद्दे को उजागर करने का आग्रह किया और कहा कि अगर वे ऐसा करने में विफल रहे तो माफी मांगनी चाहिए।
इस मामले पर चुनाव आयोग की चुप्पी को केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उजागर किया। उन्होंने सवाल उठाया कि नदी को प्रदूषित करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। केजरीवाल ने यह भी बताया कि उन्हें इस मामले में चुनाव आयोग से कोई नोटिस नहीं मिला है।
आरोप और प्रतिदावे
कांग्रेस नेताओं ने भी दिल्ली में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि 7 पीपीएम अमोनिया युक्त पानी बोतलों में भरकर बांटा जा रहा है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने इस समस्या के समाधान में लापरवाही के लिए भाजपा नेताओं की आलोचना की।
इस बीच, भाजपा प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को महज राजनीतिक नाटक करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि हरियाणा ने कुछ भी गलत नहीं किया है और आप पर दिल्ली की जल आपूर्ति के प्रबंधन में अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर केजरीवाल की चिंताएं
केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने काम को प्रभावित करने वाले राजनीतिक हस्तक्षेप के बारे में अपनी आशंका व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं जिंदा रहना चाहता हूं। मुझे डर नहीं है,” चुनौतियों के बावजूद दिल्ली के लोगों की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे में
यमुना में जहरीले तत्वों की मौजूदगी से लोगों के स्वास्थ्य को बहुत बड़ा खतरा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते इसका समाधान नहीं किया गया तो दूषित पानी पीने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।
