हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार होलीजिसमें लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां मनाते हैं। इस साल होली का पर्व 14 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन इसे खास बनाने वाली एक और खगोलीय घटना घटने जा रही है—चंद्र ग्रहण।
ग्रहण का संयोग इस दिन को और भी महत्वपूर्ण बना देता है।
कब और कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
14 मार्च को चंद्र ग्रहण सुबह 10:40 से दोपहर 2:18 तक रहेगा, जिसकी अवधि लगभग 4 घंटे होगी। यह ग्रहण अफ्रीका, एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, अटलांटिक, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण मान्य नहीं होगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान नुकीली वस्तुओं का प्रयोग करने से गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, इस समय घर से बाहर निकलने, सोने और खाने-पीने से बचने की सलाह दी जाती है। नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं गोद में नारियल या कासीं का बर्तन रख सकती हैं।
ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या न करें?
– जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। – गर्भवती महिलाएं नुकीली वस्तुओं से दूर रहें। – ग्रहण के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। – मंदिरों में ग्रहण के दौरान पूजा न करें।
हालांकि भारत में यह ग्रहण मान्य नहीं है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावधानियां रखना लाभकारी हो सकता है।
