Maha Kumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ (Maha Kumbh 2025) में मंगलवार देर रात मची भगदड़ के बाद अफरातफरी का माहौल है। इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर दुख जताते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ की घटना में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।
महाकुंभ के दौरान हुई ये भगदड़ सोमवार सुबह की घटना है। जानकारी के मुताबिक, संगम नगरी में भक्तों की भारी भीड़ के कारण ये हादसा हुआ। इस घटना में कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिवार और घायलों की मदद के लिए तुरंत कदम उठाए हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।”
प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 29, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर दुख जताया है और प्रशासन को पीड़ितों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए और मृतकों के परिवार को हर संभव सहायता दी जाए।
महाकुंभ में कैसे मची भगदड़?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात के समय अचानक भीड़ बढ़ने लगी। लोग संगम में नहाने के बाद वापस बाहर निकलने लगे, लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा थी और रास्ते भी संकरे थे। इस वजह से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और भगदड़ मच गई। कई लोग जमीन पर गिर पड़े। हालात इतने खराब हो गए कि कुछ श्रद्धालु भीड़ में दब गए और उनकी मौत हो गई।
बुधवार को महाकुंभ के दौरान संगम में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई। मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना में कई लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान महा कुंभ का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। इस साल, यह दिन और भी खास था क्योंकि 144 साल बाद दुर्लभ ‘त्रिवेणी योग’ का संयोग बना था। इस कारण करीब 10 करोड़ श्रद्धालुओं के कुंभ में शामिल होने की उम्मीद थी।
