क्या आपके पास है 15 साल पुरानी गाड़ी? जानिए नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत क्या हैं नियम और विकल्प

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नई दिल्ली 02मार्च 2025  : केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत अब 15 साल से पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए एक नई दिशा दिखलाई जा रही है। यह पॉलिसी विशेष रूप से उन गाड़ियों पर लागू होती है जो प्रदूषण के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं।इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 15 साल से पुरानी गाड़ियों के मालिकों को क्या करना चाहिए और इस पॉलिसी के तहत उनके लिए क्या विकल्प उपलब्ध हैं।

नई स्क्रैप पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य

नई स्क्रैप पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को नियंत्रित करना और पुराने वाहनों को स्क्रैप करके पर्यावरण को बेहतर बनाना है। केंद्र सरकार का मानना है कि 15 साल से पुरानी गाड़ियाँ, विशेष रूप से डीजल और पेट्रोल गाड़ियाँ, अधिक प्रदूषण पैदा करती हैं। इस पॉलिसी के तहत 20 साल पुरानी कारों और 15 साल से पुरानी कमर्शल गाड़ियों का इस्तेमाल अब रोका जाएगा।

क्या है पॉलिसी?

केंद्रीय बजट 2021-22 में इस पॉलिसी की घोषणा की गई थी। इसके तहत, जिन गाड़ियों की उम्र 15 साल या उससे अधिक हो, उन्हें चलाना अब मुश्किल हो जाएगा। इस पॉलिसी का उद्देश्य उन वाहनों को स्क्रैप करना है जो प्रदूषण का मुख्य कारण बन रहे हैं। इसके अलावा, एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश के तहत दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर भी प्रतिबंध है।

डीजल गाड़ियों के लिए क्या हैं नियम?

दिल्ली-एनसीआर में डीजल गाड़ियों को 10 साल से अधिक समय तक चलाने की अनुमति नहीं है। अगर आप इस नियम का उल्लंघन करते हैं, तो आपकी गाड़ी को जब्त कर लिया जा सकता है और उसे स्क्रैप कर दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि आपकी गाड़ी की लाइफ खत्म हो चुकी है और आप उसे पार्किंग में खड़ी रखते हैं, तो भी इसे जब्त कर स्क्रैप किया जा सकता है।

क्या होगा यदि आपकी गाड़ी की उम्र हो चुकी है?

अगर आपकी गाड़ी की उम्र पूरी हो चुकी है और वह दिल्ली एनसीआर में चलाने योग्य नहीं है, तो आपके पास विकल्प होता है कि आप अपनी गाड़ी का री-रजिस्ट्रेशन करवाएं और उसे दूसरे राज्यों में चला सकते हैं। कुछ राज्यों में गाड़ियों का री-रजिस्ट्रेशन उनकी स्थिति के आधार पर किया जाता है, जिससे आप अपनी गाड़ी को एक नया जीवन दे सकते हैं।

CNG गाड़ियों के लिए क्या हैं नियम?

CNG गाड़ियों की लाइफ भी 15 साल होती है, क्योंकि CNG सिलिंडर की उम्र भी 15 साल तक की होती है। ऐसे में दिल्ली और एनसीआर में 15 साल से पुरानी CNG गाड़ियों को चलाने की अनुमति नहीं होगी। यही कारण है कि अब मांग उठ रही है कि गाड़ियों की उम्र निर्धारित करने के बजाय, उनकी स्थिति को ध्यान में रखा जाए।

स्क्रैप करने पर मिलने वाला फायदा

यदि आप अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप के लिए भेजते हैं, तो आपको कुछ वैल्यू मिलती है और एक स्क्रैप सर्टिफिकेट प्राप्त होता है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर, जब आप नई गाड़ी खरीदते हैं तो रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी पड़ती। इसके अलावा, राज्य सरकारें नई गाड़ियों पर रोड टैक्स में भी छूट देती हैं। गैर परिवहन वाहनों पर 25% तक और परिवहन वाहनों पर 15% तक की छूट मिल सकती है।

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